संतान प्राप्ति में बाधा के कारण
एक व्यक्ति का जीवन तभी पूर्ण माना जाता है जब वह माता-पिता बनता है। लेकिन कई दंपति संतान प्राप्ति में देरी या कठिनाइयों का सामना करते हैं। यह समस्या स्वास्थ्य कारणों के अलावा ज्योतिषीय कारणों से भी हो सकती है। कुंडली में ग्रहों की स्थिति संतान सुख में देरी का कारण बन सकती है। यदि आपको संतान सुख में देरी हो रही है, तो डॉक्टर की सलाह के साथ ज्योतिषीय उपाय भी अपनाए जा सकते हैं।
ग्रहों के कारण संतान प्राप्ति में देरी
1. शनि देव
शनि को देरी, अड़चन और सीमाओं का कारक माना जाता है। यदि शनि ग्रह कुंडली के पांचवें भाव में स्थित हो, तो संतान प्राप्ति में देरी हो सकती है। इस स्थिति में जातकों को धैर्य और संयम रखना आवश्यक होता है।
2. पूर्व जन्म के कर्म और पितृ दोष
ज्योतिष के अनुसार, पूर्व जन्म के कर्मों का प्रभाव वर्तमान जीवन पर पड़ता है। कई बार पितृ दोष के कारण भी संतान सुख में देरी होती है। कुंडली का विश्लेषण कर यह पता लगाया जा सकता है कि गर्भधारण में समस्या क्यों हो रही है।
3. बृहस्पति देव (गुरु ग्रह)
बृहस्पति को विस्तार और शुभता का प्रतीक माना जाता है। संतान सुख में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि बृहस्पति शुभ स्थिति में हो, तो गर्भधारण और स्वस्थ प्रसव की संभावना अधिक होती है। वहीं, यदि गुरु कमजोर या पीड़ित हो, तो संतान प्राप्ति में देरी हो सकती है।
4. पंचम भाव में अशुभ ग्रहों का प्रभाव
कुंडली में पांचवां भाव संतान सुख का कारक होता है। यदि इसमें शनि, मंगल, राहु या केतु जैसे अशुभ ग्रह स्थित हों, तो गर्भधारण में समस्या आ सकती है और संतान सुख में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
5. नाड़ी दोष
यदि पति-पत्नी की कुंडली में नाड़ी दोष हो, तो संतान प्राप्ति में रुकावट आती है। ज्योतिष में यह दोष होने पर विवाह की सलाह नहीं दी जाती, लेकिन कुछ विशेष उपायों द्वारा इसे कम किया जा सकता है।
संतान सुख के लिए राशि अनुसार उपाय
मेष राशि:
- भगवान कृष्ण की पूजा करें।
- जरूरतमंदों को लाल मसूर की दाल का दान करें।
वृषभ राशि:
- भगवान विष्णु की उपासना करें।
- गेहूं का दान करें।
मिथुन राशि:
- भगवान गणेश की पूजा करें।
- चावल का दान करें।
कर्क राशि:
- भगवान शिव की पूजा करें।
- दूध का दान करें।
सिंह राशि:
- प्रतिदिन भगवान सूर्य की उपासना करें।
- मिठाई का दान करें।
कन्या राशि:
- मां लक्ष्मी की उपासना करें।
- तिल के बीजों का दान करें।
तुला राशि:
- भगवान कृष्ण की पूजा करें।
- हरी सब्जियों का दान करें।
वृश्चिक राशि:
- भगवान यम की पूजा करें।
- काले तिल का दान करें।
धनु राशि:
- भगवान राम की पूजा करें।
- गुड़ का दान करें।
मकर राशि:
- कुबेर देवता की पूजा करें।
- तांबे के सिक्कों का दान करें।
कुंभ राशि:
- भगवान वरुण की पूजा करें।
- जल का दान करें।
मीन राशि:
- भगवान विष्णु की उपासना करें।
- मछली का दान करें।
निष्कर्ष
अगर संतान प्राप्ति में देरी हो रही है, तो स्वास्थ्य जांच के साथ ज्योतिषीय उपाय भी अपनाने चाहिए। ग्रहों की शांति और दान-पुण्य से संतान प्राप्ति की बाधाएं दूर हो सकती हैं। कुंडली का विश्लेषण कर उचित उपाय अपनाने से शीघ्र ही संतान सुख प्राप्त हो सकता है।
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